बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब कोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत देवनगर वांबे आवास स्थित एक फ्लैट में कथित रूप से गोमांस पकाने और सेवन किए जाने की सूचना फैल गई। जानकारी सामने आते ही स्थानीय लोगों के साथ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और संबंधित फ्लैट का घेराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते कॉलोनी में भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा और सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, फ्लैट में विकास बांधे और उसकी पत्नी रुक्मिणी निवास करते हैं। कोनी थाना प्रभारी राजश्री दामू कोशले ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि दंपती अपने फ्लैट में प्रतिबंधित मांस पका रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए फ्लैट के भीतर प्रवेश किया और जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फ्लैट के भीतर दंपती नशे की हालत में मिले। संवेदनशील माहौल को देखते हुए महिला पुलिस और आसपास की महिलाओं की मदद से आरोपी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि उसके पति को तत्काल अस्पताल भेजा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने रसोई से कच्चे मांस के टुकड़े और पका हुआ भोजन जब्त किया। प्रारंभिक तौर पर इसे संदिग्ध मानते हुए सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जब्त मांस किस प्रकार का है। पुलिस का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दंपती का कॉलोनी में रहने वालों के साथ पहले से विवाद चलता रहा है और कई बार विरोध करने पर भी उनका व्यवहार नहीं बदला। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी तरह वैज्ञानिक रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दंपती को हिरासत में ले लिया है तथा पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है।
इस मामले से जुड़ी कानूनी जानकारी और राज्य में लागू गोवंश संरक्षण कानून के बारे में अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।https://www.cgstate.gov.in/?utm_source=chatgpt.com







