रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत सामान्य मृत्यु, कार्यस्थल दुर्घटना या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में श्रमिक परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि अचानक आई विपरीत परिस्थितियों में परिवार आर्थिक संकट का सामना न करे। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2020 में शुरू की गई इस योजना का लाभ केवल श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को दिया जाता है। मजदूरी पर निर्भर परिवारों के लिए यह योजना राहत का बड़ा माध्यम बनकर सामने आई है।
योजना के तहत सामान्य मृत्यु होने पर श्रमिक के परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। वहीं यदि कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण श्रमिक की मौत होती है तो आश्रित परिवार को 5 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा कार्यस्थल दुर्घटना में स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में श्रमिक को 2 लाख 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी या नामांकित सदस्य के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार योजना का उद्देश्य निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का भरोसा देना है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का छत्तीसगढ़ श्रम विभाग में पंजीकृत होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और पंजीयन आवेदन से कम से कम 90 दिन पहले का होना जरूरी है। सहायता केवल श्रमिक की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में ही दी जाएगी। आत्महत्या, नशे की हालत में हुई मृत्यु, आपराधिक गतिविधि या आपसी हिंसा से जुड़े मामलों में योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सिलिकोसिस प्रभावित श्रमिकों को भी इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है, क्योंकि उनके लिए अलग से विशेष योजना संचालित की जा रही है।
आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। श्रमिक या उनके परिजन श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट छत्तीसगढ़ श्रम विभाग पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी चॉइस सेंटर या श्रम कार्यालय में भी आवेदन जमा किया जा सकता है। आवेदन के साथ पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र या दिव्यांगता प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। विभागीय सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है। सरकार ने श्रमिक परिवारों से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन और दस्तावेज अपडेट कराते रहें, ताकि जरूरत पड़ने पर योजना का लाभ आसानी से मिल सके।







