रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के ही भाजपा विधायक भैयालाल राजवाड़े ने अपनी सरकार के विभागीय कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति पर चिंता जताई। विधायक के आरोपों के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया और विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) मंत्री अरुण साव ने सदन को भरोसा दिलाया कि जहां भी अनियमितता की शिकायत या ठोस तथ्य सामने आएंगे, वहां निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक भैयालाल राजवाड़े ने कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई गांवों में पाइपलाइन और पानी की टंकियों का निर्माण अधूरा है, जबकि कागजों में काम पूरा दिखाकर ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में केवल नल की टोटियां लगाई गई हैं, लेकिन उनमें पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच रही है। विधायक ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है और लोग आज भी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर सामने आ सके।
विधायक के सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 928 पानी की टंकियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 751 टंकियों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 177 टंकियों पर कार्य जारी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक 447 टंकियों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। मंत्री ने स्वीकार किया कि यदि किसी क्षेत्र में कार्य अधूरा है या पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, तो संबंधित मामलों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। ऐसे में विधानसभा में उठे सवालों ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर भी नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है। सदन में इस मुद्दे के साथ अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई, लेकिन जल जीवन मिशन को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा उठाए गए सवाल राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से सबसे अधिक चर्चा का विषय बने रहे। सरकार ने दोहराया कि शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जल जीवन मिशन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए योजना की वेबसाइट https://jaljeevanmission.gov.in देखी जा सकती है।







