
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने लगा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही अब लगभग थम चुकी है, जिसके बाद तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सक्रिय मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ चुका है और अगले 24 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जाएगी। आने वाले चार दिनों में प्रदेश के कई जिलों में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके चलते मैदानी इलाकों में दोपहर के समय लू जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
सोमवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में स्थानीय प्रभाव के कारण हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई है। यही नमी अब तेज धूप के साथ उमस में बदल रही है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर जिले में सोमवार को सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सरगुजा संभाग के अंबिकापुर और पेंड्रा रोड में रात का तापमान अपेक्षाकृत कम रहा और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर में भी आसमान साफ रहने की संभावना है और दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य के अधिकांश मैदानी जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा, जिससे गर्मी और उमस दोनों का असर बढ़ेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में दो ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। पहला सिस्टम पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है, जबकि दूसरा चक्रवाती घेरा दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम में हल्की अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन बस्तर संभाग और आसपास के कुछ इलाकों में दोपहर बाद तेज अंधड़, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे में मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी भारतीय मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट India Meteorological Department पर देखी जा सकती है।
भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल तट पर पहुंचने की संभावना जताई गई है। यदि मानसून तय समय पर आगे बढ़ता है तो जून के दूसरे सप्ताह, यानी 10 से 15 जून के बीच छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति समुद्री परिस्थितियों और हवाओं की दिशा पर निर्भर करेगी, इसलिए तारीखों में कुछ बदलाव संभव है। फिलहाल प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक तेज धूप और बढ़ती उमस का सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत होगी।







