रायपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार सुबह से घने बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
रायपुर में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों और कुछ प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक राजधानी में दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज होने से लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा तट के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हुआ है और इसके अवदाब में बदलने के आसार हैं। इसी मौसमी सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। इसके प्रभाव से अगले 72 घंटे प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उपलब्ध मौसम आकलन के अनुसार राज्य में अब तक मौसमी बारिश सामान्य के आसपास रही है और वर्षा में करीब 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए प्रदेश के 22 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, राजनांदगांव, बालोद, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। इन जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। बस्तर संभाग और प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भी मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी अगले कुछ दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहेगा, इसलिए खेतों में जल निकासी और फसल की स्थिति पर नजर रखना उपयोगी होगा। मौसम की आधिकारिक चेतावनियों और पूर्वानुमान के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जानकारी देखी जा सकती है।







