धमतरी । युवाओं को जागरूक, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को सरस्वती शिशु मंदिर, नगरी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, यातायात नियमों तथा नए आपराधिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सोशल मीडिया व इंटरनेट का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का संदेश दिया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी एवं थाना प्रभारी टापेश्वर मरकाम ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान कॉल, ओटीपी साझा करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को फर्जी कॉल, ओटीपी और बैंकिंग धोखाधड़ी, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं और साइबर ब्लैकमेल जैसे मामलों से बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने तथा आधिकारिक पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और परिजनों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने तथा शराब या अन्य मादक पदार्थों के सेवन के बाद वाहन नहीं चलाने जैसी महत्वपूर्ण बातों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की प्रमुख विशेषताओं से भी परिचित कराया गया, ताकि वे कानूनों के प्रति जागरूक होकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल भाषा और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया। अंत में सभी विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने और कानून का सम्मान करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य प्रफुल्ल चंद साहू, व्यवस्थापक जीवन नाहटा, विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। धमतरी पुलिस ने बताया कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।







