फेक न्यूज़ के खिलाफ मोहल्ला सभा में गूंजा जागरूकता का संदेश, अफवाहों से सतर्क रहने की अपील

छत्तीसगढ़)। डिजिटल दौर में तेजी से फैल रही फेक न्यूज़ और अफवाहों के बढ़ते खतरे को देखते हुए मदद मीनार फाउंडेशन ने अपने जनजागरूकता अभियान “समझो तो” के अंतर्गत पहली मोहल्ला सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “फेक न्यूज़ (अफवाह की आग)” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया। सभा के दौरान विशेषज्ञों और संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि बिना सत्यापन किसी भी सूचना को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा करना समाज में भ्रम, तनाव, अविश्वास और सामाजिक विभाजन जैसी गंभीर परिस्थितियों को जन्म दे सकता है। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि किसी भी समाचार या संदेश को आगे भेजने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना आज के समय की सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में फेक न्यूज़ की पहचान करने के व्यावहारिक तरीकों, फैक्ट चेक की प्रक्रिया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कई बार भ्रामक सूचनाएं सामान्य नागरिकों की भावनाओं को प्रभावित करने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बन जाती हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करे और केवल प्रमाणिक स्रोतों पर ही भरोसा करे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच जागरूक नागरिकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। संस्था ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों का हिस्सा बनने के बजाय तथ्य आधारित जानकारी को बढ़ावा दें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा और सूचना सत्यापन के प्रति जागरूक करें।

इस अवसर पर मदद मीनार फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष इरशाद कुरैशी, सचिव धीरज सिंह, महेंद्र रैदास, अजय, मीरा एवं रिया सहित संस्था के अन्य सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने समाज में जागरूकता, आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। संस्था ने बताया कि “समझो तो” अभियान के तहत भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक विषयों पर मोहल्ला सभाओं का आयोजन लगातार किया जाएगा, ताकि लोगों में तथ्य-जांच की आदत विकसित हो और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा मिल सके। फेक न्यूज़ से बचाव और तथ्य सत्यापन के लिए नागरिक भारत सरकार के आधिकारिक PIB Fact Check प्लेटफॉर्म का भी उपयोग कर सकते हैं, जहां वायरल दावों और संदिग्ध सूचनाओं की प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। अधिक जानकारी के लिए देखें: https://factcheck.pib.gov.in/

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan