कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में लंबे समय से सक्रिय नकली लॉटरी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शक्ति यादव और गणेश साव के रूप में हुई है, जो नेतुरिया थाना क्षेत्र के अमडांगा और रानीपुर गांवों के निवासी हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पिछले करीब एक साल से फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी के बाद अवैध लॉटरी कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने एक आरोपी के घर पर छापेमारी के दौरान 10.42 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जिसे जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गणेश साव नकली लॉटरी नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था, जबकि शक्ति यादव इलाके में डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम करता था और नकली टिकट स्थानीय विक्रेताओं तक पहुंचाने में भूमिका निभाता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी असली पेपर लॉटरी की तरह दिखने वाले नकली टिकट छापते थे, जिन्हें आम लोगों के लिए पहचानना बेहद मुश्किल होता था। बताया गया कि असली टिकटों की तुलना में नकली टिकट बेचने पर अधिक कमीशन मिलने के कारण इस अवैध कारोबार का दायरा धीरे-धीरे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक फैलाया गया। पुलिस का मानना है कि इसी लालच के चलते कई स्थानीय विक्रेता भी अनजाने में इस नेटवर्क का हिस्सा बनते चले गए और खरीदारों के साथ धोखाधड़ी होती रही।
अधिकारियों ने बताया कि 23 अप्रैल को इसी मामले में दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से बड़ी संख्या में कथित नकली लॉटरी टिकट और 22 हजार रुपये नकद बरामद हुए थे। उस समय मुख्य आरोपी फरार हो गया था, लेकिन हाल ही में मिली गुप्त सूचना के आधार पर जांचकर्ताओं ने गणेश साव को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर शक्ति यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को रघुनाथपुर सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस का कहना है कि जिले में लंबे समय से अवैध लॉटरी कारोबार संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं और जिला पुलिस के साथ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) भी पहले कई बार छापेमारी कर चुकी है। शुरुआती जांच में पड़ोसी राज्य झारखंड से भी संभावित संपर्क की बात सामने आई है, जिसे लेकर जांच एजेंसियां सतर्क हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लॉटरी खरीदते समय अधिकृत विक्रेताओं से ही टिकट लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। मामले से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की वेबसाइट West Bengal Police देखी जा सकती है।







