बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर प्रस्तावित बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड कार्य के चलते 3 मई से 22 मई 2026 तक कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने इस अवधि में 10 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है, जबकि कुछ अन्य ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगभग 20 दिनों तक मेगा ट्रैक कार्य किया जाएगा, जिसके तहत वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तन किया जाएगा। इस कार्य के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-4, जो डाउन मेन लाइन का हिस्सा है, पूरी तरह बंद रहेगा।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य ट्रेनों की गति, सुरक्षा और परिचालन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। हालांकि इस दौरान यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट https://indianrailways.gov.in/ पर ट्रेनों के अपडेट और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रभावित ट्रेनों में 18109 टाटानगर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस 3 मई से 22 मई तक और 18110 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–टाटानगर एक्सप्रेस 5 मई से 24 मई तक रद्द रहेगी। इसके अलावा 68711 डोंगरगढ़–गोंदिया पैसेंजर, 68712 गोंदिया–डोंगरगढ़ पैसेंजर, 68713 गोंदिया–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर, 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–गोंदिया पैसेंजर, 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–बालाघाट पैसेंजर और 68715 बालाघाट–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर 3 मई से 22 मई तक रद्द रहेंगी। वहीं 58205 रायपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर 3 मई से 22 मई तक तथा 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–रायपुर पैसेंजर 4 मई से 23 मई तक रद्द रहेगी।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण सभी ट्रेनों का संचालन संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय रखें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग या साधनों का उपयोग करें। यह कार्य पूर्ण होने के बाद गोंदिया स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारू और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है।






