कुरुद में एग्रीस्टैक पंजीयन की धीमी रफ्तार पर एसडीएम सख्त, अफसरों को फटकार

 

कुरुद। कुरुद अनुविभाग में राजस्व और कृषि विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान एग्रीस्टैक पंजीयन की धीमी प्रगति सामने आने पर एसडीएम नभसिंह कोसले ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने लंबित पंजीयन को प्राथमिकता से पूरा करने और मैदानी अमले को सक्रिय कर पात्र किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक के अगले दिन से ही अधिकारियों और कर्मचारियों के अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय होने की बात सामने आई है।

सोमवार को कुरुद जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व, कृषि, पंचायत और सहकारिता विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरण, नक्शा बटांकन, मॉडर्न रिकॉर्ड रूम की प्रगति, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक, ऑटो डायवर्सन, रक्षा मंत्रालय की भूमियों के नामांतरण, नगरीय निकायों में पट्टा वितरण के लिए सर्वे तथा मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल के लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में एक वर्ष से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ करगा में प्रस्तावित सैनिक स्कूल के लिए भूमि संबंधी मामले को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।

तहसीलवार एग्रीस्टैक पंजीयन की समीक्षा में कुरूद तहसील में कुल 36,497 किसानों में से 23,790 का पंजीयन पूर्ण पाया गया, जबकि 12,707 किसान अभी शेष हैं। इसी तरह भखारा तहसील में 27,803 किसानों में से 20,540 का पंजीयन पूरा हुआ है और 7,263 शेष हैं। मगरलोड तहसील में 29,876 किसानों में से 20,818 का पंजीयन पूर्ण हुआ, जबकि 9,058 किसानों का पंजीयन लंबित है। आंकड़ों के आधार पर एसडीएम ने शेष किसानों का पंजीयन जल्द पूरा करने तथा विशेष रूप से सह-खातेदारों से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

एग्रीस्टैक के कार्य में राजस्व और कृषि विभाग के साथ पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, कोटवार तथा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के प्रबंधक और ऑपरेटरों को भी जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को कॉल सेंटर की तरह काम करते हुए किसानों से फोन पर संपर्क कर पंजीयन की जानकारी देने और उन्हें प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए। आधिकारिक एग्रीस्टैक जानकारी के अनुसार Farmer Registry का उद्देश्य किसानों की पहचान और कृषि भूमि से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित कर योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

एसडीएम नभसिंह कोसले ने कहा कि एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार होने से कृषि योजनाओं और सेवाओं को पात्र किसानों तक अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों और मैदानी अमले को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। बैठक में तहसीलदार सुरज बंझोर, भूपेश चन्द्राकर, मनोज भारद्वाज, सीईओ अमित सेन, कृषि विभाग के एसएडीओ जितेन्द्र सोनकर, सुनिता टंडन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Chhattisgarh Farmer Registry 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan