स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल से फूटा व्यापारियों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

कुरूद। प्रदेश में बिजली की नई दरें लागू होने के बाद बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारी वर्ग की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। बिजली बिलों में विभिन्न प्रकार के सरचार्ज और पेनाल्टी जोड़े जाने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद व्यावसायिक और घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक राशि के बिजली बिल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लगातार बढ़ते बिलों के कारण व्यापारियों का कहना है कि कारोबार की लागत बढ़ रही है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मासिक बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कुरूद व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल बिजली कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल में रवि चंद्राकर, रफीक हलारी, युवराज देवांगन, धनेश बैस, सूरज देवांगन, बंटी देवांगन, राजकुमार साहू सहित कई व्यापारी शामिल रहे। व्यापारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई दुकानों का मासिक बिजली बिल 24 हजार से 30 हजार रुपये तक पहुंच गया है, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए व्यवसाय चलाना कठिन हो गया है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली बिलों में भारी-भरकम पेनाल्टी भी जोड़ी जा रही है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ रहा है। उन्होंने विभाग से बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा कराने, बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने तथा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इसी तरह घरेलू उपभोक्ताओं ने भी बढ़ते बिजली बिलों पर चिंता जताई। श्रवण साहू, यशवंत, मूलचंद, धनसिंह और गणेश सहित कई नागरिकों का कहना है कि पहले जहां मासिक बिजली बिल 300 से 500 रुपये के बीच आता था, वहीं अब यह बढ़कर 1000 से 1500 रुपये तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि रोजगार और आय के सीमित साधनों के बीच बढ़ती बिजली दरें परिवारों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रही हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं लेखराम साहू, नीलम चंद्राकर और महिम शुक्ला ने राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि जनता लगातार महंगाई और बढ़ते बिजली बिलों से परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

वहीं, बिजली विभाग के सहायक अभियंता एस.के. कोसरे ने स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग किया जा रहा है, उन्हें नियमानुसार पेनाल्टी लग रही है। उन्होंने बताया कि सभी उपभोक्ताओं को अपनी वास्तविक बिजली खपत के अनुसार भार अनुबंध कराना आवश्यक है। विभाग शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं से भार वृद्धि के आवेदन प्राप्त करेगा, जिससे भविष्य में अनावश्यक पेनाल्टी से बचा जा सके। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली कनेक्शन और स्वीकृत लोड की जानकारी समय-समय पर अपडेट कराएं। बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan