धमतरी । धमतरी जिले के बहुचर्चित नारी महानदी पुल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय, डीएसपी देवचरण पटेल एवं कुरूद एसडीओपी रागिनी मिश्रा ने संयुक्त प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कुरूद थाना, मगरलोड थाना और साइबर टीम की लगातार समन्वित कार्रवाई, तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका। पुलिस के अनुसार मृतक नीरज साहू (27), निवासी कुण्डेल, चौकी करेलीबड़ी, थाना मगरलोड, का शव 22 जुलाई 2026 को नारी महानदी पुल के ऊपर मुख्य मार्ग पर खून से लथपथ अवस्था में मिला था। उसके गले और माथे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि घटनास्थल पर उसका बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक CG-06-GT-7675 भी खड़ा मिला था।
प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने शव पंचनामा, घटनास्थल निरीक्षण, परिजनों और गवाहों के बयान सहित उपलब्ध सभी साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया। जांच में धारदार वस्तु से हमला कर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 221/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर कुरूद थाना, मगरलोड थाना और साइबर टीम की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। एसडीओपी रागिनी मिश्रा के मार्गदर्शन में पुलिस ने कई दिनों तक घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चलाया। इस दौरान संभावित मार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया और घटनाक्रम से जुड़े हर छोटे-बड़े सुराग का वैज्ञानिक तरीके से मिलान किया गया।
लगातार जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस का संदेह बिरेंद्र कुमार साहू पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी और मृतक दोनों चावल के कारोबार से जुड़े थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नीरज साहू का व्यवसाय लगातार बेहतर चल रहा था और उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने से वह भीतर ही भीतर उससे ईर्ष्या और रंजिश रखने लगा था। इसी द्वेष के चलते उसने सुनसान स्थान पर नारी महानदी पुल के पास नीरज को रोककर कैंची और पाना से हमला कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कैंची और पाना बरामद कर गवाहों की उपस्थिति में विधिवत जब्त कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता लगातार मेहनत, तकनीकी जांच, साइबर विश्लेषण और विभिन्न टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों, डिजिटल तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जिससे अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने में सहायता मिल रही है। मामले से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे भी नियमानुसार जारी रहेगी। अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट छत्तीसगढ़ पुलिस पर भी संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।







