तेन्दूपत्ता तोड़ाई के दौरान जंगली सुअरों का हमला, आठ मजदूर घायल

राजनांदगांव। जिले के लालबहादुर क्षेत्र अंतर्गत कोहलाकसा जंगल में तेन्दूपत्ता तोड़ाई के दौरान मंगलवार सुबह जंगली सुअरों के झुंड ने श्रमिकों पर हमला कर दिया, जिसमें आठ मजदूर घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना सुबह करीब 7 बजे की है, जब कोहलाकसा, मुंगलानी, कुईकोडा और नारायणगढ़ गांवों के दर्जनभर से अधिक ग्रामीण रोजमर्रा की तरह तेन्दूपत्ता तोड़ने जंगल पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक जंगली सुअरों का झुंड वहां आ गया और श्रमिकों पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हमले के दौरान मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग भागते समय गिरकर भी चोटिल हुए। घटना में फुलबाई, माधुरी, अंजनीबाई, उर्मिला जोशी और खेदूराम समेत अन्य मजदूर घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को तत्काल राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ घायलों को पाथरी और छुरिया के अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया है। घायल खेदूराम की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य की हालत फिलहाल स्थिर है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

डीएफओ आयुष जैन ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और प्रभावित क्षेत्र में जंगली सुअरों की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। सीसीएफ मर्सीबेला ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वन विभाग ने घायलों को तत्काल सहायता के रूप में एक-एक हजार रुपए की आर्थिक मदद दी है और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, जंगल में तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान इस तरह के हमलों की आशंका बनी रहती है, इसलिए श्रमिकों को सतर्क रहने और समूह में कार्य करने की सलाह दी गई है। वन्यजीवों के बढ़ते मूवमेंट को देखते हुए विभाग द्वारा क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। वन्यजीवों से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश और जानकारी के लिए वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://forest.cg.gov.in पर भी जानकारी उपलब्ध है।

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan