धमतरी। जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम कपालफोड़ी में तालाब में नहाने गई दो मासूम बच्चियों की डूबने से मौत हो जाने की हृदयविदारक घटना सामने आई है। एक साथ दो बच्चियों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जब दोनों सहेलियां घर से तालाब में नहाने के लिए निकली थीं और कुछ ही देर बाद उनकी जिंदगी हमेशा के लिए थम गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कपालफोड़ी निवासी खुशबू साहू (8 वर्ष), पिता दीपक साहू और गीतिका साहू (8 वर्ष), पिता नारद साहू, दोनों कक्षा चौथी की छात्राएं थीं और आपस में घनिष्ठ सहेलियां थीं। शुक्रवार सुबह दोनों गांव के तालाब में नहाने के लिए पहुंचीं। नहाते-नहाते वे तालाब के गहरे हिस्से में चली गईं और पानी में डूब गईं। उसी समय तालाब के दूसरे घाट पर गांव की महिला पेमिन साहू भी स्नान कर रही थीं। उन्होंने कुछ देर पहले दोनों बच्चियों को तालाब में नहाते हुए देखा था, लेकिन बाद में जब वहां सन्नाटा नजर आया तो उन्हें संदेह हुआ।
महिला जब तालाब के किनारे पहुंची तो वहां दोनों बच्चियों के कपड़े और बाल्टी रखी हुई मिली। तालाब का पानी शांत होने और बच्चियों के कहीं दिखाई नहीं देने पर उन्होंने तत्काल परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही दोनों परिवारों के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में तालाब पहुंचे और बच्चियों की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद दोनों बच्चियां तालाब में करीब सात फीट गहरे पानी में डूबी हुई मिलीं।
ग्रामीणों की मदद से दोनों को तत्काल पानी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए शासकीय अस्पताल मगरलोड ले जाया गया, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो मासूम बच्चियों की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।
मगरलोड पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटनावश डूबने का बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में बच्चे अक्सर तालाबों और जलाशयों में नहाने पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और अभिभावकों के लिए यह घटना एक चेतावनी भी है कि छोटे बच्चों को बिना निगरानी के जलाशयों के पास जाने से रोका जाए और गांवों में जल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए। जल सुरक्षा और डूबने से बचाव संबंधी जानकारी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की वेबसाइट पर दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।







