तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए ग्रामीणों पर भालू का हमला, एक की हालत गंभीर

कोरबा। पाली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत नगोई ग्राम पंचायत के भादा जंगल में रविवार सुबह भालू के हमले से दो ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। गंभीर रूप से घायल एक ग्रामीण को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है, जबकि दूसरे घायल का इलाज पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना ऐसे समय हुई है जब वन क्षेत्रों से लगे गांवों के लोग बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्रह के लिए जंगलों का रुख कर रहे हैं और लगातार बढ़ रही वन्यजीव गतिविधियां ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही हैं।

जानकारी के अनुसार, पाली-चैतुरगढ़ मार्ग की पहाड़ियों पर बसे नागोई भादा गांव निवासी और सेवानिवृत्त पंचायत सचिव बृजपाल सिंह तंवर अपने साथी धनसिंह धनुहार के साथ रविवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए थे। दोनों ग्रामीण जंगल के भीतर पहुंचे ही थे कि अचानक एक भालू उनके सामने आ गया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में बृजपाल सिंह तंवर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके शरीर पर कई जगह गहरे घाव आए और काफी रक्तस्राव हुआ। वहीं धनसिंह धनुहार किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे, हालांकि उन्हें भी चोटें आई हैं।

ग्रामीणों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य लोग मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को तत्काल पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बृजपाल सिंह की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया। चिकित्सकों के मुताबिक, घायल की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। दूसरी ओर धनसिंह धनुहार का इलाज पाली अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चैतुरगढ़ की पहाड़ियों और आसपास के जंगलों में पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाए गए फंदे में एक तेंदुआ फंस गया था, जिसके बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन उपज संग्रह, लकड़ी और दैनिक जरूरतों के लिए ग्रामीणों को रोजाना जंगल जाना पड़ता है, लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में निगरानी बढ़ाने और तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों में पानी और भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और समूह में ही जंगल जाने की अपील की है।https://forest.cg.gov.in/?utm_source=chatgpt.com

 

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan