RBI का बड़ा फैसला, बुजुर्गों के घर पहुंचेगी बैंकिंग सेवा अब

नई दिल्ली। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को बैंकिंग सेवाओं के लिए शाखाओं के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी सरकारी और निजी बैंकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं। नए नियमों के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, शारीरिक रूप से अक्षम तथा दृष्टिबाधित व्यक्तियों को आवश्यक बैंकिंग सेवाएं उनके घर तक पहुंचाना अनिवार्य कर दिया गया है। आरबीआई की इस पहल का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ते हुए उन्हें सुविधाजनक और सम्मानजनक सेवा उपलब्ध कराना है। इसके तहत बैंक कर्मचारियों को नकदी जमा करने, नकद भुगतान देने, चेक बुक पहुंचाने, चेकबुक पिकअप, डिमांड ड्राफ्ट उपलब्ध कराने और केवाईसी दस्तावेजों के सत्यापन जैसी सेवाएं घर जाकर देनी होंगी। पेंशनभोगियों के लिए जरूरी ‘लाइफ सर्टिफिकेट’ यानी जीवित प्रमाण पत्र भी बैंक कर्मचारी घर पहुंचकर प्राप्त करेंगे, ताकि बुजुर्गों को बैंक शाखा तक जाने की मजबूरी न हो।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक बुनियादी संसाधनों की कमी या अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर इन सेवाओं से इनकार नहीं कर सकते। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के बचत खातों पर मांग करने पर हर साल कम से कम 25 चेक पन्ने मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रावधान भी लागू रहेगा। केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि बुजुर्ग ग्राहकों को केवाईसी अपडेट कराने या नई चेकबुक लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से शाखा में बुलाना उचित नहीं माना जाएगा। वहीं, 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सभी बैंक शाखाओं में अलग प्राथमिकता लाइन या विशेष काउंटर की व्यवस्था करना भी अनिवार्य होगा, जिससे उन्हें लंबी कतारों में खड़े होकर परेशानी का सामना न करना पड़े। यह कदम विशेष रूप से उन बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए राहतभरा माना जा रहा है, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से बैंक पहुंचने में कठिनाई होती है।

यदि कोई बैंक इन नियमों का पालन करने में लापरवाही करता है या पात्र ग्राहकों को सुविधा देने में आनाकानी करता है, तो प्रभावित नागरिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सबसे पहले संबंधित शाखा प्रबंधक या बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में लिखित शिकायत देने की सलाह दी गई है। यदि 30 दिनों के भीतर संतोषजनक समाधान नहीं मिलता, तो ग्राहक आरबीआई की शिकायत प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। अधिक जानकारी और शिकायत दर्ज करने के लिए आरबीआई की आधिकारिक शिकायत वेबसाइट https://cms.rbi.org.in का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता केंद्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14448 पर संपर्क कर नियमों और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। आरबीआई का यह फैसला बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan