नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने अपनी पसंदीदा भारतीय प्लेइंग इलेवन का चयन कर क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए अपने विश्लेषण में आकाश चोपड़ा ने बल्लेबाजी क्रम से लेकर गेंदबाजी संयोजन तक कई दिलचस्प विकल्पों को जगह दी है। खास बात यह रही कि उन्होंने खराब फॉर्म को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहे खिलाड़ियों पर भी भरोसा जताया है और युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके देने की वकालत की है। भारतीय क्रिकेट टीम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और मैच अपडेट के लिए BCCI Official Website देखी जा सकती है।https://www.bcci.tv/?utm_source=chatgpt.com
आकाश चोपड़ा ने अपनी टीम में सलामी बल्लेबाज के तौर पर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल को चुना है। उनका मानना है कि ओपनिंग कॉम्बिनेशन में फिलहाल किसी तरह का बदलाव करना उचित नहीं होगा। तीसरे नंबर पर उन्होंने साई सुदर्शन को मौका देने की बात कही और माना कि युवा बल्लेबाज को लगातार अवसर मिलने चाहिए ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित कर सके। चौथे नंबर पर शुभमन गिल को बनाए रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता बनाए रखनी चाहिए। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर भी उन्होंने भरोसा दिखाया और उन्हें पांचवें स्थान पर खेलने की सलाह दी।
आकाश चोपड़ा की टीम में ध्रुव जुरेल को भी जगह मिली है, जिन्होंने हालिया मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। आईपीएल 2026 में भी जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया था, जिसके चलते उन्हें टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग लगातार उठती रही है। हालांकि चोपड़ा ने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन चाहे तो जुरेल की जगह ऑलराउंड विकल्प के रूप में नीतीश कुमार रेड्डी को भी आजमा सकता है। ऑलराउंडर की भूमिका के लिए उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर को चुना, जबकि स्पिन विभाग में कुलदीप यादव को शामिल किया गया है।
गेंदबाजी आक्रमण में आकाश चोपड़ा ने तेज गेंदबाजों के तौर पर प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज पर भरोसा जताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल दिखाई देती है तो गुरनूर बरार को डेब्यू का मौका मिल सकता है। वहीं यदि परिस्थितियां स्पिनरों के पक्ष में रहीं तो हर्ष दुबे या मानव सुथार जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह टेस्ट मैच भारतीय टीम के लिए सिर्फ जीत हासिल करने का अवसर नहीं बल्कि आगामी लंबे टेस्ट कार्यक्रमों के लिए सही संयोजन तलाशने की परीक्षा भी साबित हो सकता है।







