चारामा। विकासखंड चारामा के समस्त प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारामा में आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान चुनौतियों, विद्यालयों में बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने की रणनीति तथा प्राचार्यों के समन्वय को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक के दौरान शिक्षा के बदलते परिदृश्य में विद्यालय प्रमुखों की भूमिका, प्रशासनिक दायित्वों और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के उपायों पर गंभीर मंथन किया गया। साथ ही विकासखंड स्तर पर प्राचार्यों के बीच संवाद और सहयोग को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से प्राचार्य फोरम के गठन पर भी सहमति बनी।
बैठक में नवगठित पदाधिकारियों और वरिष्ठ प्राचार्यों ने अपने विचार साझा करते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए प्रारंभिक स्तर से सुनियोजित तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परीक्षा परिणामों में सुधार केवल परीक्षा के समय की तैयारी से संभव नहीं है, बल्कि पूरे सत्र के दौरान सतत शैक्षणिक निगरानी और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। बैठक में विकासखंड के सेवानिवृत्त प्राचार्यों के सम्मान समारोह आयोजित करने का प्रस्ताव भी सामने आया, ताकि शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को उचित सम्मान मिल सके। इस दौरान बसंत दीवान, अजित राम कंवर, नंद कुमार ध्रुव, विष्णु सेन और रामकमल सुकदेवे ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर सकारात्मक सुझाव रखे।
रामकमल सुकदेवे के पर्यवेक्षण में विकासखंड स्तरीय प्राचार्य फोरम का सर्वसम्मति से गठन किया गया। फोरम में संरक्षक के रूप में बसंत दीवान, अध्यक्ष पद पर अजित कंवर, उपाध्यक्ष के रूप में नंद कुमार ध्रुव और सुनीता गंगराले, सचिव हरिश्चन्द्र पोताई, सह सचिव योगिनी सुधाकर, कोषाध्यक्ष विष्णु सेन, मीडिया प्रभारी अमित सक्सेना तथा मीडिया सह प्रभारी माखन लाल साहू को जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में रामदुलार प्रजापति, भगबली सूर्यवंशी, सुशीला गढ़पाले, सतरूपा मंडावी, जानकी जुर्री, प्रेमलता शर्मा, लखनलाल ठाकुर, लिकेश्वर भुसाखरे, रामप्रसाद नेगी, जागेश्वर उंडनकर और एआर डहरे सहित बड़ी संख्या में प्राचार्यों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन अमित सक्सेना द्वारा किया गया। शिक्षा से जुड़ी नीतियों और विद्यालय प्रबंधन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग उपयोगी स्रोत हो सकता है।







