रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने लंबे समय से बकाया बिजली बिलों की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की दिशा में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 75 प्रतिशत तक की छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य वर्षों से लंबित बिजली बकाया का समाधान करते हुए आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें राहत प्रदान करना है। योजना के लागू होने के बाद राज्यभर में पंजीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है, वहीं राजधानी रायपुर में अब तक 30 हजार से अधिक उपभोक्ता आवेदन कर चुके हैं।
ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार योजना का लाभ मुख्य रूप से घरेलू, कृषि तथा गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा। ऐसे उपभोक्ता जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है और आर्थिक कारणों से वे भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें इस योजना के माध्यम से राहत दी जाएगी। हालांकि अंतिम छूट की राशि उपभोक्ता की श्रेणी और बकाया बिल की स्थिति के आधार पर तय की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों की जांच और दस्तावेजों की स्क्रूटनी जून के बाद शुरू होगी, जिसके बाद पात्र उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में नियमानुसार छूट लागू की जाएगी।
सरकार ने योजना के लिए 30 जून को अंतिम तिथि निर्धारित की है। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी नए आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में पात्र उपभोक्ताओं को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है। पंजीकरण की सुविधा डिजिटल माध्यम से भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप के जरिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता क्रमांक और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। योजना से जहां एक ओर उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग के लंबित राजस्व की वसूली भी संभव हो सकेगी। इससे राज्य सरकार को वर्षों से अटकी राशि वापस मिलने का रास्ता साफ होगा। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट CSPDCL Official Website पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।







