छत्तीसगढ़। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत और नगर निकाय उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और राजनीतिक दल मतदाताओं को साधने में जुट गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में होने वाले इस चुनाव में कुल 1228 सीटों पर मुकाबला होना है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। सत्ताधारी भाजपा जहां अपनी ‘डबल इंजन सरकार’ के विकास मॉडल को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरी है, वहीं कांग्रेस स्थानीय नेतृत्व और जनसरोकारों को आधार बनाकर मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकार इन चुनावों को आगामी बड़े राजनीतिक मुकाबलों से पहले जनता के मूड को समझने वाला महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत स्तर पर जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच पदों के रिक्त स्थानों को भरने के लिए मतदान कराया जाएगा। वहीं नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए भी उपचुनाव होंगे। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे अब प्रत्याशियों की तस्वीर स्पष्ट हो गई है और चुनाव प्रचार गांव-गांव तथा शहरों के वार्डों तक पहुंच चुका है। स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार जनसभाओं, पदयात्राओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हुए हैं। कई जिलों में चुनावी मुकाबला प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है, जहां बड़े नेताओं की साख भी दांव पर लगी हुई है।
इस बार चुनाव की सबसे खास बात प्रदेश की चार नई नगर पंचायतों में पहली बार आम चुनाव का आयोजन है। जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह, सरगुजा की शिवनंदनपुर, बलौदाबाजार की पलारी और राजनांदगांव की घुमका नगर पंचायत में नागरिक पहली बार अपने स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। इन क्षेत्रों में नए नेतृत्व को लेकर युवाओं और मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय मुद्दों और विकास की अपेक्षाओं के बीच यहां मुकाबला रोचक बन गया है और राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक प्रत्याशी 21 मई तक नाम वापस ले सकेंगे, जिसके बाद चुनाव चिन्हों का अंतिम आवंटन किया जाएगा। मतदान 1 जून 2026 को निर्धारित केंद्रों पर सुबह से शुरू होगा, जबकि 4 जून को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इन चुनावों के नतीजे राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और जनता की प्राथमिकताओं को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। चुनाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग पर देखी जा सकती है।https://cgsec.gov.in?utm_source=chatgpt.com







