छत्तीसगढ़। बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र स्थित तिरिया जंगल में संदिग्ध वन्य प्राणी के पदचिह्न मिलने के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। मंगलवार सुबह सेमलजोड़ी पुल और नाले के पास ग्रामीणों ने बड़े आकार के पदचिह्न देखे, जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि यह किसी बाघ या तेंदुए के हो सकते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को सतर्क करना शुरू कर दिया, वहीं गांव के सरपंच ने तत्काल मुनादी करवाकर लोगों से अकेले जंगल की ओर न जाने की अपील की है। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण जमीन नरम होने से पदचिह्न काफी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे वन्य जीव की मौजूदगी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक जगदलपुर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर तिरिया जंगल के सेमलजोड़ी क्षेत्र में सबसे पहले इन पदचिह्नों को स्थानीय निवासी डॉ. हेमंत कुमार ने देखा। उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों को देने के साथ सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और जानकारी साझा की, जिसके बाद आसपास के गांवों में चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लोग प्रतिदिन तेंदूपत्ता संग्रह, वनोपज और जलाऊ लकड़ी के लिए सुबह-सुबह जंगलों की ओर जाते हैं। ऐसे में वन्य प्राणी की संभावित मौजूदगी उनके लिए खतरा बन सकती है। सरपंच द्वारा कराई गई मुनादी में लोगों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जरूरी काम होने पर भी जंगल अकेले न जाएं और समूह में जाने के दौरान पर्याप्त सावधानी बरतें।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और पदचिह्नों की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किसी बाघ के हैं या तेंदुए के। वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद जंगलों में वन्य प्राणियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं और भोजन या सुरक्षित ठिकाने की तलाश में वे आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक भी पहुंच सकते हैं। हालांकि अब तक किसी वन्य जीव के सीधे दिखने या हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात बरतना जरूरी माना जा रहा है। प्रशासन और वन विभाग की ओर से लोगों से अफवाहों से बचने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की जा सकती है। वन्यजीव सुरक्षा और सतर्कता से जुड़ी जानकारी वन विभाग छत्तीसगढ़ पर देखी जा सकती है।https://forest.cg.gov.in?utm_source=chatgpt.com







