शिक्षा मंत्री के मुताबिक प्रदेश के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी और हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों में तत्काल करीब 5 हजार शिक्षकों की आवश्यकता है। पिछले वर्षों में भर्ती प्रक्रिया में देरी और स्थानीय स्तर पर अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए इस बार नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब भर्ती परीक्षा स्थानीय स्तर पर न होकर केंद्रीकृत प्रणाली के तहत आयोजित होगी। परीक्षा संचालन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को सौंपी जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और भाई-भतीजावाद या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो। मंत्री ने दावा किया कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रक्रिया को तेज और विश्वसनीय बनाया जाएगा, जिससे अभ्यर्थियों को जल्द परिणाम मिल सकें। विभाग इस व्यवस्था पर भी काम कर रहा है कि परीक्षा के दिन ही शाम तक परिणाम जारी किए जा सकें, ताकि चयन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
सरकार की योजना के अनुसार आत्मानंद स्कूलों में संविदा शिक्षकों की भर्ती पूरी होते ही दूसरे चरण में प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के लिए करीब 5 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस तरह शिक्षा विभाग में कुल 10 हजार रिक्त पदों पर युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल खुलने की तारीख पर भी पुनर्विचार किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि यदि मौसम में राहत नहीं मिलती है तो नया शैक्षणिक सत्र जुलाई से शुरू किया जा सकता है। विपक्ष द्वारा भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे को गंभीरता से पूरा कर रही है और पिछले ढाई वर्षों में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और अपडेट अभ्यर्थी व्यापमं की वेबसाइट पर देख सकेंगे।https://vyapam.cgstate.gov.in?utm_source=chatgpt.com







