सहकारी बैंक शाखाओं के भवन निर्माण को मिली बड़ी सौगात, ढाई करोड़ मंजूर

कुरुद। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रायपुर द्वारा ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कुरुद क्षेत्र सहित धमतरी और महासमुन्द जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं के लिए ढाई करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का उपयोग नए कार्यालय भवन निर्माण, शाखा उन्नयन और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। लंबे समय से लंबित मांगों को स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और ग्राहकों की सुविधा को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। सहकारी बैंकिंग और योजनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए सहकारिता विभाग छत्तीसगढ़ पर भी जानकारी देखी जा सकती है।https://cooperation.cg.gov.in/?utm_source=chatgpt.com

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुरुद विधानसभा क्षेत्र की कई शाखाओं के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। इसके तहत बैंक शाखा दरबा के कार्यालय भवन निर्माण के लिए 60.70 लाख रुपये, शाखा नारी के लिए 52.25 लाख रुपये तथा शाखा कोर्रा के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं धमतरी में शाखा भवन उन्नयन और जिला नोडल कार्यालय निर्माण के लिए 38.82 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी प्रकार महासमुन्द जिले के झलप शाखा भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। बैंक प्रबंधन का मानना है कि इन भवनों के निर्माण से बैंकिंग सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयासों और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में सहकारी संस्थाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि झलप शाखा भवन निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे 2604 वर्गफीट भूमि स्थानीय दानदाताओं बलविन्दर सिंह सलूजा, गोल्डी सलूजा और सुभाष पटेल द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इसी जमीन पर आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। बैंक प्रबंधन ने इसे सामाजिक सहयोग और संस्थागत विकास का उदाहरण बताते हुए दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि स्वयं के आधुनिक भवन बनने से शाखाओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी, डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण ग्राहकों को बेहतर वातावरण में सेवाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से किराये अथवा सीमित संसाधनों के साथ संचालित कुछ शाखाओं के लिए यह स्वीकृति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्रीय स्तर पर इसे सहकारी बैंकिंग नेटवर्क को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर समर्थन देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan