
छत्तीसगढ़। जिले के नेवई थाना क्षेत्र में चोरी के एक मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह रही कि जिस महिला को घर के काम के लिए रखा गया था, वही घर में रखे लाखों रुपये के जेवरात चोरी करने की मुख्य आरोपी निकली। पुलिस ने आरोपी नौकरानी, उसके पति और जीजा के कब्जे से करीब 12 लाख 22 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। मामले के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और घरेलू कामगारों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस के अनुसार रिसाली स्थित आशीष नगर निवासी दुर्गा प्रसाद नागपुरे ने घर में अधिक काम होने के कारण मालती ध्रुव नामक महिला को दो दिनों के लिए काम पर रखा था। काम पूरा होने के बाद जब परिवार ने घर की अलमारी की जांच की, तो सोने-चांदी के कीमती गहने गायब मिले। इसके बाद 27 मई को नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में बताया गया कि 26 मई की सुबह अलमारी में रखे पर्स से करीब 14.5 ग्राम का सोने का हार, मांगटीका, नथ, हाथ के कड़े, मंगलसूत्र और कान के तीन जोड़ी टॉप्स सहित अन्य गहने गायब थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और संदेह के आधार पर घर में काम करने वाली महिला मालती ध्रुव, उसके पति देवीलाल ध्रुव और जीजा हेमलाल मंडावी को पूछताछ के लिए थाना बुलाया।
पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस के मुताबिक मालती ध्रुव ने 19 मई 2026 को घर की अलमारी से गहने चोरी किए थे और बाद में पति व जीजा की मदद से कुछ जेवरात को गिरवी रखकर लोन लिया गया। जांच में सामने आया कि चोरी के गहनों को मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गिरवी रसीद, मोबाइल फोन, एक लाख रुपये नकद, एक स्कूटी और तीन मोबाइल फोन समेत कुल 12 लाख 22 हजार रुपये का सामान बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू कामगार रखने से पहले उनके पहचान दस्तावेजों और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। मामले से जुड़ी अधिक जानकारी और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट https://cgpolice.gov.in पर देखे जा सकते हैं।







