मेकाज में जन्मा 5 किलो का नवजात, डॉक्टर भी हैरान

छत्तीसगढ़। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल (मेकाज) में एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जहां ओडिशा से उपचार के लिए लाई गई गर्भवती महिला ने सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से 5.09 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। मेकाज प्रबंधन के अनुसार, संभवतः संस्थान के इतिहास में पहली बार 5 किलो से अधिक वजन वाले नवजात का जन्म हुआ है, जिसके चलते अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल नवजात को 24 घंटे की निगरानी के लिए नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखा गया है, जबकि प्रसूता की हालत सामान्य बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, ओडिशा के भन्सुली निवासी बांसुडी (25 वर्ष), पति सौदा को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। परिजनों ने पहले उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज डिमरापाल रेफर कर दिया। दोपहर करीब तीन बजे महिला को मेकाज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। देर रात प्रसव पीड़ा बढ़ने पर चिकित्सकों ने सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया, जिसके बाद महिला ने 5.09 किलो वजन के स्वस्थ बालक को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जन्म के समय बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन सामान्य चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत उसके ब्लड शुगर स्तर और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों की जांच के लिए उसे एनआईसीयू में निगरानी में रखा गया है।

चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की मां की मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है और अब तक किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में नवजात का औसत वजन 2.5 से 4 किलोग्राम के बीच माना जाता है, ऐसे में 5 किलो से अधिक वजन वाले बच्चे का जन्म चिकित्सकीय दृष्टि से असामान्य श्रेणी में आता है और विशेष निगरानी की जरूरत होती है। मेकाज के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे और मां दोनों की स्थिति स्थिर है तथा आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद आगे की चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेज से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नागरिक राज्य स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://cghealth.nic.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अस्पताल में इस नवजात को देखने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ की टीम लगातार पहुंच रही है, वहीं इस अनोखे मामले ने स्थानीय लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan