
कुरूद। नगरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कुरूद और चर्रा क्षेत्र के लिए 11 करोड़ 85 लाख रुपये की जल आवर्धन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत गंगरेल बांध से पानी लाकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
वर्तमान में कुरूद नगर में लगभग 10 किमी दूर महानदी के मेघा क्षेत्र से पानी लाकर आपूर्ति की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नगर पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं हो पाया है। पहले चरमुडिया गांव से पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति की जाती थी, जिसके बाद महानदी से पानी लाने के लिए भागीरथी परियोजना लागू की गई। इस योजना में 10-12 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई गई और नगर की गलियों में सप्लाई नेटवर्क तैयार किया गया, जिस पर अब तक 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
नई स्वीकृत योजना के तहत गंगरेल बांध के पानी को बड़े नहर (केनाल) के माध्यम से कुरूद नगर, केंद्रीय विद्यालय और कृषि महाविद्यालय चर्रा तक पहुंचाया जाएगा, जिससे निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान 2.5 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 7.5 एमएलडी किया जाएगा। साथ ही नगर की प्रमुख जल टंकियों की क्षमता में वृद्धि कर उन्हें नई पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा, ताकि पूरे नगर में सुचारू पेयजल आपूर्ति हो सके।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस योजना के पूर्ण होने के बाद कुरूद सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।







