कुरुद में कामकाजी महिलाओं के लिए पालना घर शुरू, 6 माह से 6 साल तक बच्चों की देखभाल

 

कुरुद। कामकाजी महिलाओं और खासकर सिंगल मदर्स को राहत देने के उद्देश्य से कुरुद नगर में पालना घर का संचालन शुरू किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानू चंद्राकर ने तहसील मार्ग स्थित किराये के भवन में स्थापित पालना घर का शुभारंभ किया। यहां विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपने 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक छोड़ सकेंगी। पालना घर में बच्चों की देखभाल के साथ उन्हें पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

उद्घाटन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर ने कहा कि पालना घर की सुविधा से कामकाजी महिलाओं को अपने छोटे बच्चों की चिंता से काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से ऐसी माताएं, जो अकेले अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, अपने बच्चों को सुरक्षित देखभाल के लिए यहां छोड़कर निश्चिंत होकर काम पर जा सकेंगी। उन्होंने उपस्थित माताओं से नियमित रूप से इस सुविधा का लाभ लेने और अन्य कामकाजी महिलाओं को भी इसके बारे में जानकारी देने की अपील की।

परियोजना अधिकारी सरिता कुशवाहा ने बताया कि नगर में पहले भी छोटे बच्चों को रखने की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन पर्याप्त स्थान और स्टाफ की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में ही रखा जाता था। अब शासन की व्यवस्था के तहत पालना घर के संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे कामकाजी महिलाओं को उनके कार्यस्थल के दौरान बच्चों की देखभाल की सुविधा मिल सकेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी छत्तीसगढ़ शासन के आधिकारिक पोर्टल पर भी उपलब्ध है।

पर्यवेक्षक सोमलता शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में पालना घर में 8 से 9 बच्चे आ रहे हैं। आने वाले दिनों में कामकाजी महिलाओं से संपर्क कर उन्हें पालना घर की सुविधा की जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इसका लाभ उठा सकें। सुबह से शाम तक बच्चों की देखभाल की सुविधा मिलने से उन महिलाओं के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें नौकरी या अन्य काम के दौरान बच्चों को घर पर छोड़ने में परेशानी होती है।

कार्यक्रम में पार्षद सितेश सिन्हा, कविता चंद्राकर, राजकुमारी दीवान, उत्तम साहू, खिलेश्वर देवांगन, संगीता अग्रवाल, अश्वनी देवांगन, गीता ध्रुव, राधा ठाकुर, सरोज ध्रुव, लता सेन सहित पालक और अन्य लोग उपस्थित रहे। पालना घर के नियमित संचालन और अधिक से अधिक कामकाजी महिलाओं तक इसकी जानकारी पहुंचाना अब इसकी उपयोगिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। https://www.spniwcd.wcd.gov.in/palna/brief?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan