
नागपुर। शहर के नंदनवन क्षेत्र स्थित वेंकटेश नगर से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक मां और उसकी जवान बेटी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मृतकों की पहचान 52 वर्षीय संगीता ढबाले और उनकी 29 वर्षीय बेटी आकांक्षा ढबाले के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि नोट में संगीता ढबाले ने अपनी इच्छा से यह कदम उठाने की बात लिखी है। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि यह निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया और इसके पीछे पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक या मानसिक तनाव जैसी कौन-सी वजहें जिम्मेदार थीं।
जानकारी के अनुसार, संगीता ढबाले के पति का निधन लगभग 9 से 10 वर्ष पहले हो गया था। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने जिला परिषद में शिक्षिका के रूप में नौकरी करते हुए परिवार को संभाला। उनकी बेटी आकांक्षा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और कुछ समय तक एक निजी कंपनी में कार्यरत भी रही थी। आसपास के लोगों के अनुसार, परिवार सामान्य जीवन जीता हुआ दिखाई देता था और किसी बड़े विवाद या तनाव की खुली जानकारी सामने नहीं आई थी।
पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की पुष्टि, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और पारिवारिक संपर्कों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है ताकि किसी भी संभावित कारण को नजरअंदाज न किया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार के दबाव, प्रताड़ना या अन्य परिस्थितियों के संकेत मिलते हैं, तो उसके अनुसार आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज को मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की अहमियत की याद दिलाती है। कई बार बाहर से सामान्य दिखने वाला जीवन भीतर गहरे संघर्षों से गुजर रहा होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर संवाद, भावनात्मक सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी असामान्य मानसिक स्थिति या संकट के संकेतों को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त करें। मानसिक स्वास्थ्य और सहायता सेवाओं से जुड़ी जानकारी के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट https://www.mohfw.gov.in/ देखी जा सकती है।







