
धमतरी। जिले के बोरई थाना क्षेत्र से 1 मई 2026 को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें थाना प्रभारी बोरई एक व्यक्ति को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए। पुलिस विभाग की ओर से डीएसपी स्तर के एक राजपत्रित अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जांच सौंपी गई है, ताकि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिले में अवैध तस्करी, विशेष रूप से गांजा परिवहन पर रोक लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर नाका चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बोरई थाना क्षेत्र में भी उड़ीसा से आने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने नाके पर वाहन नहीं रोका और तेज गति से आगे बढ़ गया। इसके बाद थाना प्रभारी द्वारा वाहन का पीछा किया गया।
बताया जा रहा है कि बाजार क्षेत्र में वाहन को रुकवाने के बाद संबंधित व्यक्ति और थाना प्रभारी के बीच विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि संबंधित व्यक्ति ने थाना प्रभारी को उकसाने का प्रयास किया, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। इसी दौरान हुई बहस का एक हिस्सा वीडियो के रूप में रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो पूरे घटनाक्रम को नहीं दिखाता, बल्कि केवल एक हिस्से तक सीमित है, जिससे घटना की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट नहीं हो रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता, परिस्थिति और पूरे घटनाक्रम का तकनीकी परीक्षण भी किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के तथ्य सामने आते हैं, तो उस दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस कार्यप्रणाली और नागरिक व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने से बचें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस विभाग से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और विस्तृत अपडेट के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट https://cgpolice.gov.in/ देखी जा सकती है।







