रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच घंटों तक सड़क पर ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक पुलिस जवानों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। पुलिस विभाग ने जवानों को गर्मी से बचाने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस वातानुकूलित यानी एसी हेलमेट उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। शनिवार से रायपुर शहर में इस विशेष हेलमेट का जमीनी परीक्षण भी शुरू कर दिया गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त यातायात स्थलों पर तैनात सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
रायपुर की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस के जवान रोजाना कई घंटों तक तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच यातायात व्यवस्था संभालते हैं। गर्मी के मौसम में लगातार खुले आसमान के नीचे खड़े रहने के कारण उन्हें अत्यधिक थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार लंबे समय तक गर्मी में रहने से चक्कर आने, कमजोरी और लू लगने की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में पुलिस विभाग ने जवानों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस नई तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया है।
रायपुर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) विवेक शुक्ला के अनुसार एक निजी कंपनी ने परीक्षण के लिए विभाग को एसी हेलमेट उपलब्ध कराए हैं। यह हेलमेट सामान्य हेलमेट से अलग है और इसके ऊपरी हिस्से में बैटरी से चलने वाला छोटा पंखा तथा एयर डक्ट सिस्टम लगाया गया है। इस सिस्टम को संचालित करने के लिए एक रिचार्जेबल बैटरी पैक जवान की कमर या बेल्ट पर लगाया जाता है। यह तकनीक बाहरी गर्म हवा को खींचकर उसे फिल्टर करती है और ठंडी हवा के रूप में सिर और चेहरे तक पहुंचाती है, जिससे लंबे समय तक ड्यूटी करने के दौरान भी आराम महसूस होता है।
प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक यह हेलमेट आसपास के तापमान की तुलना में सिर के हिस्से को करीब 8 से 15 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा महसूस कराने में सक्षम है। इसकी बैटरी एक बार चार्ज होने के बाद सामान्य परिस्थितियों में छह से आठ घंटे तक लगातार काम कर सकती है, जो एक ट्रैफिक जवान की औसत ड्यूटी अवधि के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलने से फील्ड में तैनात कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
फिलहाल शहर के कुछ चुनिंदा चौराहों पर जवानों को यह हेलमेट पहनाकर उनकी प्रतिक्रिया ली जा रही है। परीक्षण के दौरान इसके उपयोग, आराम और प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि यह प्रयोग पूरी तरह सफल साबित होता है, तो बजट और आवश्यकता के अनुसार शहर के अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी यह सुविधा प्रदान की जाएगी। भीषण गर्मी के दौर में यह पहल पुलिसकर्मियों के लिए न केवल राहत देने वाली साबित हो सकती है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक उपयोगी मॉडल बन सकती है। ट्रैफिक पुलिस और सड़क सुरक्षा से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।







