स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, सभी अटैचमेंट खत्म, सात दिन में ज्वाइनिंग अनिवार्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और भृत्यों के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने विभाग में लंबे समय से चल रहे संलग्नीकरण (अटैचमेंट) की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्यभर में अटैचमेंट पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को सात दिनों के भीतर अपनी मूल पदस्थापना वाले कार्यालय या विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य विद्यालयों और कार्यालयों में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना तथा मूल संस्थाओं में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बताया गया है।

डीपीआई के निर्देशों के अनुसार सभी कर्मचारी एक सप्ताह के भीतर अपनी मूल संस्था में लौटकर कार्यभार ग्रहण करेंगे। यदि कोई कर्मचारी तय समय के भीतर अपनी मूल पदस्थापना पर उपस्थित नहीं होता है तो उसका जुलाई 2026 का वेतन रोक दिया जाएगा। इतना ही नहीं, आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल अटैचमेंट के आधार पर किसी अन्य कार्यालय में कार्य करना अब मान्य नहीं होगा। अधिकारियों का मानना है कि वर्षों से विभिन्न कार्यालयों में अटैचमेंट के कारण कई विद्यालय और मूल कार्यालय कर्मचारियों की कमी से प्रभावित हो रहे थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों और दैनिक संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।

पारदर्शिता और उपस्थिति की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय ने वीएसएसके मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना भी अनिवार्य कर दिया है। मूल पदस्थापना पर लौटने वाले सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन इसी एप के जरिए अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू होने से कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति पर निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड इसी डिजिटल प्रणाली के आधार पर सत्यापित किए जाएंगे।

लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है। इससे पहले 12 जून, 17 जून, 25 जून और 7 जुलाई को भी कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर लौटने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी अटैचमेंट के आधार पर अन्य कार्यालयों में कार्यरत रहे। लगातार निर्देशों की अनदेखी के बाद विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने जिलों में अटैचमेंट की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कराते हुए एक सप्ताह के भीतर यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें कि कितने कर्मचारियों ने अपनी मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से विद्यालयों और शिक्षा कार्यालयों में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी, कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी और शासन की जवाबदेही भी मजबूत होगी। स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित आधिकारिक आदेशों और जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in/ पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan