हरियाली महोत्सव की शुरुआत बनी चर्चा का विषय, पौधारोपण अभियान से कई जनप्रतिनिधि रहे दूर

कुरूद। रथयात्रा के पावन अवसर पर नगर पालिका कुरूद द्वारा गुरुवार से हरियाली महोत्सव की शुरुआत की गई। पर्यावरण संरक्षण और नगर को हराभरा बनाने के उद्देश्य से शुरू हुए इस अभियान के तहत रेस्ट हाउस परिसर, केनाल रोड, एपीजे अब्दुल कलाम गार्डन सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। हालांकि इस अभियान में नगर पालिका उपाध्यक्ष सहित कांग्रेस के पार्षदों के अलावा सत्ता पक्ष के दो निर्वाचित पार्षद और दो मनोनीत एल्डरमैन की अनुपस्थिति पूरे कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बनी रही।

नगर पालिका के पूर्व निर्धारित साप्ताहिक पौधारोपण कार्यक्रम के तहत भारत माता चौक से लेकर रेस्ट हाउस, केनाल रोड, एपीजे अब्दुल कलाम गार्डन, मुख्य मार्ग और विवेकानंद मंगल भवन के आसपास विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि नगर में हरित क्षेत्र का विस्तार कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने पौधारोपण के साथ इनके संरक्षण का भी संकल्प लिया। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए ऐसे अभियान समय की आवश्यकता हैं तथा इसमें राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर भागीदारी निभानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने यह भी कहा कि विकास और राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद स्वाभाविक हो सकते हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण जैसे सार्वजनिक हित के विषयों पर सभी पक्षों की सहभागिता नगर के लिए सकारात्मक संदेश देती है। जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को लेकर लोगों के बीच विभिन्न प्रकार की चर्चाएं होती रहीं। नागरिकों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं ऐसे अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं तो आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ती है और पौधारोपण जैसे अभियान अधिक प्रभावी बनते हैं।

विधायक प्रतिनिधि भानु चंद्राकर ने बताया कि नगर पालिका द्वारा 16 से 22 जुलाई तक नगर के सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण किया जाएगा। अभियान के माध्यम से पूरे नगर को हरियाली की चादर से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में वन विभाग और नगर पालिका संयुक्त रूप से सहयोग करेंगे तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पौधारोपण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच ऐसे सामुदायिक अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वेबसाइट https://moef.gov.in/ पर भी उपलब्ध है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan