बिजली बिल से पहले मिलेगा खर्च का अंदाजा, मोर बिजली ऐप में नया फीचर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं, विशेषकर स्मार्ट मीटर उपयोगकर्ताओं के लिए राहत देने वाली नई सुविधा शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) ने अपने आधिकारिक ‘मोर बिजली ऐप’ में ‘खपत पूर्वानुमान (Consumption Forecast)’ नाम से नया फीचर जोड़ा है। इस सुविधा के जरिए अब उपभोक्ता महीने का बिजली बिल जारी होने से पहले ही अपनी संभावित बिजली खपत और अनुमानित बिल की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। बिजली कंपनी का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को अचानक आने वाले अधिक बिल की चिंता से राहत मिलेगी और वे समय रहते अपने बिजली उपयोग को नियंत्रित कर सकेंगे। यह सुविधा स्मार्ट मीटर आधारित डिजिटल बिजली व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के स्मार्ट मीटर सेक्शन में जाकर चालू महीने की संभावित बिजली खपत का अनुमान देख सकेंगे। इससे उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि वर्तमान उपयोग के आधार पर महीने के अंत तक उनका बिजली बिल कितना हो सकता है। यदि अनुमानित खपत अधिक दिखाई देती है तो उपभोक्ता समय रहते अनावश्यक बिजली उपकरणों का उपयोग कम कर अपने खर्च को नियंत्रित कर सकेंगे। डिजिटल तकनीक के उपयोग से मीटर रीडिंग की प्रक्रिया भी पूरी तरह स्वचालित हो गई है। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और गलत रीडिंग या अधिक बिल आने जैसी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को अब मीटर रीडिंग संबंधी समस्याओं के लिए बार-बार बिजली कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम होगी।

ऐप में एक और महत्वपूर्ण सुविधा तुलनात्मक विश्लेषण की दी गई है। इसके माध्यम से उपभोक्ता अपने वर्तमान महीने की बिजली खपत की तुलना पिछले महीने और पिछले वर्ष के उसी महीने की खपत से कर सकेंगे। ग्राफ और आंकड़ों के माध्यम से उपलब्ध यह जानकारी उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग के पैटर्न को समझने में मदद करेगी। इसके अलावा दैनिक आधार पर भी बिजली की खपत का रिकॉर्ड देखा जा सकेगा, जिससे यह पता लगाना आसान होगा कि किन दिनों या किन परिस्थितियों में बिजली की खपत अधिक हुई। इससे परिवार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बेहतर निर्णय ले सकेंगे और अनावश्यक बिजली खर्च पर नियंत्रण पा सकेंगे।

बिजली वितरण कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर प्रणाली केवल उपभोक्ताओं की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बिजली चोरी और लाइन लॉस पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। यदि मीटर के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जाती है तो इसकी सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष तक पहुंच जाएगी, जिससे समय पर कार्रवाई की जा सकेगी। इससे वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और बिजली कंपनी की कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा। राज्य सरकार और सीएसपीडीसीएल का उद्देश्य बिजली सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय, सटीक और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटर और डिजिटल बिलिंग जैसी व्यवस्थाएं ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं और बिजली वितरण कंपनी के बीच पारदर्शिता भी मजबूत करेंगी। इस सुविधा और स्मार्ट मीटर से जुड़ी अधिक जानकारी छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट https://cspdcl.co.in/ पर उपलब्ध है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan