महादेव ऐप जांच तेज, रायपुर ईडी दफ्तर में स्पोर्ट्स एंकर से लंबी पूछताछ शुरू

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए मशहूर स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा से पूछताछ शुरू की है। ईडी की टीम उन्हें पूछताछ के लिए रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों द्वारा मामले के विभिन्न पहलुओं पर उनसे विस्तृत जानकारी ली जा रही है। जांच एजेंसी इस मामले में कथित वित्तीय लेनदेन, प्रचार-प्रसार से जुड़े पहलुओं और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। हालांकि अब तक ईडी की ओर से पूछताछ की विस्तृत जानकारी या आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही किसी प्रकार के आरोपों की पुष्टि की गई है।

सूत्रों के अनुसार महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों में ईडी पहले से ही कई राज्यों में जांच कर रही है। एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय लेनदेन और प्रचार गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसी क्रम में स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। अधिकारियों द्वारा उनसे उन परिस्थितियों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी ली जा रही है, जिनका संबंध जांच के दायरे में आए व्यक्तियों या गतिविधियों से हो सकता है। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और एजेंसी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

महादेव ऐप प्रकरण पिछले कुछ समय से देश की प्रमुख जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मामला बना हुआ है। इस मामले में पहले भी कई कारोबारी, आयोजक, प्रमोटर और अन्य व्यक्तियों से पूछताछ की जा चुकी है। ईडी का कहना रहा है कि वह उपलब्ध दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। ऐसे मामलों में पूछताछ किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं मानी जाती, बल्कि जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा होती है। अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय किए जाते हैं।

रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में चल रही इस कार्रवाई के बाद खेल और मनोरंजन जगत में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जांच एजेंसी की आगामी कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर सभी की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयान जांच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई और निष्कर्षों को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा करेगी। प्रवर्तन निदेशालय और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की आधिकारिक जानकारी https://enforcementdirectorate.gov.in/ पर देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan