छत्तीसगढ़। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को एसीबी बिलासपुर की टीम ने रायगढ़ और कोरबा जिले में अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई करते हुए दो लोक सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इनमें एक रायगढ़ जिले के छाल तहसील कार्यालय में अटैच सहायक शिक्षक और दूसरा कोरबा जिले के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का लिपिक शामिल है। दोनों मामलों में एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे संबंधित विभागों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के छाल तहसील कार्यालय में अटैच सहायक शिक्षक पर जमीन रिकॉर्ड में नाम सुधार के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। ग्राम धसका मुड़ा निवासी भानुप्रताप पटेल ने एसीबी को शिकायत देकर बताया कि उसकी परिचित महिला कंचन बाई की जमीन संबंधी रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज हो गया था। जमीन विक्रय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नाम संशोधन आवश्यक था, जिसके लिए तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया। शिकायत के मुताबिक संबंधित कर्मचारी ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
इसी तरह कोरबा जिले में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक लिपिक को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार दोनों मामलों में प्रारंभिक जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ भी जारी है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर अब अधिक सतर्कता के साथ कार्रवाई की जा रही है ताकि आम नागरिकों को सरकारी कामों के लिए अवैध भुगतान का दबाव न झेलना पड़े। एसीबी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित एजेंसी से करें। भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत और जागरूकता संबंधी जानकारी एसीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है: छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो https://acb.cg.gov.in?utm_source=chatgpt.com







