भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर नौ जनप्रतिनिधियों ने थामा कमल का दामन

कुरूद। भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों से प्रभावित होकर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता कार्यक्रम पूर्व मंत्री एवं कुरूद विधायक अजय चंद्राकर की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी जनप्रतिनिधियों का पार्टी नेताओं द्वारा स्वागत करते हुए उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई गई।

भाजपा परिवार में शामिल होने वालों में ग्राम की सरपंच श्रीमती योगेश्वरी बाई सहित पंच प्रतिनिधि श्री रमाकांत साहू, श्रीमती गोदावरी कंवर, श्रीमती कुमारी बाई कंवर, श्री शैलेंद्र साहू, श्रीमती नीता बाई साहू, श्रीमती रमेश्वरी नवरंगे, श्री जामुन यादव तथा श्री बलीराम ध्रुव शामिल हैं। सदस्यता कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष कृष्णकांत साहू, टिकेश साहू, लोमश साहू एवं भोजराज चंद्राकर भी उपस्थित रहे। इस दौरान नवप्रवेशी जनप्रतिनिधियों ने भाजपा की विचारधारा और विकासोन्मुख नीतियों में विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने तथा जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के कारण जनता का विश्वास लगातार पार्टी के प्रति बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संगठन निरंतर कार्य कर रहा है। नेताओं ने विश्वास जताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पार्टी से जुड़ने से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

राजनीतिक दृष्टि से भी इस सदस्यता कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों का किसी राजनीतिक दल से जुड़ना संगठनात्मक विस्तार और जनसंपर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। भाजपा पदाधिकारियों ने सभी नवप्रवेशी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और जनसंपर्क का लाभ क्षेत्र के विकास तथा जनहित से जुड़े कार्यों में मिलेगा। भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों और सदस्यता संबंधी जानकारी भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

Rizwan Rizwi
Author: Rizwan Rizwi