नगरी को नगर पालिका बनाने की उठी जोरदार मांग, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के दौरान नगर पंचायत नगरी में विकास और शहरी सुविधाओं को लेकर नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर प्रमुखता से सामने आई है। शिविर में प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक आवेदन नगर पंचायत नगरी को नगर पालिका परिषद में उन्नयन किए जाने से संबंधित मिले, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि स्थानीय नागरिक अब क्षेत्र के तेज़ी से बदलते स्वरूप के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे में बदलाव चाहते हैं।

धमतरी जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित नगरी क्षेत्र करीब 45 किलोमीटर की परिधि में सबसे बड़ा व्यापारिक और सामाजिक केंद्र माना जाता है। आसपास के दर्जनों गांवों के लोग व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन नगरी पहुंचते हैं। नगरवासियों का कहना है कि बढ़ती आबादी, बाजारों का विस्तार और शहरी गतिविधियों में लगातार वृद्धि के कारण अब मौजूदा नगर पंचायत व्यवस्था पर्याप्त नहीं रह गई है। क्षेत्र में बाहरी निवेशकों की बढ़ती रुचि, उद्योग और फैक्ट्री स्थापना की संभावनाएं तथा सिहावा क्षेत्र का पर्यटन केंद्र के रूप में उभरना भी नगरी के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने के बाद सड़क, पेयजल, सफाई व्यवस्था, बाजार प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को अधिक संसाधन और प्रशासनिक मजबूती मिल सकेगी। इसके साथ ही आधुनिक बस स्टैंड, खेल मैदान, चौपाटी, होटल-रेस्टोरेंट, तालाबों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर पंचायत प्रशासन ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है और प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रस्ताव जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य शासन को राजपत्र प्रकाशन की प्रक्रिया के लिए भेजा जा सकता है।

नगर पालिका बनाए जाने की मांग को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय किसान मोर्चा मंत्री पिंकी शिवराज शाह, श्रवण मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सारवा, जनपद अध्यक्ष महेश गोटा, नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा तथा उपाध्यक्ष विकास बोहरा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया है। नगरवासियों का विश्वास है कि प्रशासनिक उन्नयन से नगरी आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय विकास का बड़ा केंद्र बन सकता है और बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। नगर निकायों से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विभाग की वेबसाइट यहां देखें देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan