वनवासी’ शब्द पर सियासत तेज, कांग्रेस करेगी विरोध और पुतला दहन

छत्तीसगढ़। आदिवासी समाज की पहचान और अस्मिता को लेकर जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिला आदिवासी कांग्रेस इकाई द्वारा आदिवासी समाज को “वनवासी” कहे जाने के विरोध में शुक्रवार को गांधी चौक पाली में विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आदिवासी समाज के लोगों के बीच व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन शुक्रवार शाम पांच बजे निर्धारित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है।

जिला आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों के अनुसार यह आंदोलन अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी प्रकोष्ठ के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आदिवासी समाज के लिए “वनवासी” शब्द का उपयोग उनकी ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का प्रयास है। उनका कहना है कि आदिवासी समाज की अपनी विशिष्ट पहचान, परंपरा और इतिहास रहा है, जिसे किसी अन्य शब्द के माध्यम से परिभाषित करना समाज की मूल पहचान के साथ अन्याय माना जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस की जिला आदिवासी इकाई सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराएगी।

आयोजकों के अनुसार विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में जिले भर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, राष्ट्रीय छात्र संगठन, सेवा दल, किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस तथा आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। जिला कांग्रेस कमेटी (आदिवासी) ने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए इसे आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और मूल पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है। वहीं, ऐसे आयोजनों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक निगरानी रखे जाने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। जनजातीय समाज और उनके अधिकारों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की वेबसाइट यहां देखें उपयोगी हो सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan