नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एलपीजी गैस सब्सिडी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए रियायती सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। अब योजना के तहत पात्र परिवारों को एक वर्ष में केवल चार एलपीजी सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे पहले यह सीमा नौ सिलेंडर निर्धारित थी, जबकि योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में होने पर लाभार्थियों को सालाना 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे। सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक खपत को आधार बनाकर यह निर्णय लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार अधिकांश ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवार पूरे साल में औसतन चार एलपीजी सिलेंडर ही उपयोग कर पाते हैं, इसलिए वास्तविक खपत को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी सीमा को संशोधित किया गया है। हालांकि सरकार ने प्रति सिलेंडर मिलने वाली 300 रुपये की केंद्रीय सब्सिडी को यथावत रखा है। वर्तमान दरों के अनुसार लाभार्थियों को एक घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लगभग 642 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत महिलाओं के नाम पर बिना सिक्योरिटी डिपॉजिट के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए थे, ताकि लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम हो सके। बीते वर्षों में सरकार ने सब्सिडी व्यवस्था में कई बदलाव किए हैं। वर्ष 2022 में नकद सब्सिडी की व्यवस्था शुरू की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर किया गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की लागत बढ़ने और तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को भी सरकार के इस फैसले की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। ऐसे में लाभार्थियों को अब अपनी वार्षिक गैस खपत की बेहतर योजना बनानी पड़ सकती है। योजना और एलपीजी सब्सिडी से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए उपभोक्ता पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट देख सकते हैं।https://mopng.gov.in?utm_source=chatgpt.com







