रायपुर। समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ को राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली है। राज्यपाल रमेन डेका ने लोक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इस पहल के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान जिले में अंगदान और देहदान को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस सामाजिक और मानवीय पहल से जोड़ने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले तथा पहले से इस दिशा में योगदान देने वाले 75 दानदाताओं को भी सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम है। उन्होंने इसे “महादान” बताते हुए कहा कि इसके जरिए कई लोगों की शारीरिक चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलती है। साथ ही उन्होंने देहदान को चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन और अनुसंधान के लिए इससे बड़ी सहायता मिलती है।
जिला प्रशासन की ओर से संचालित ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ के अंतर्गत अब तक कुल 86 लोगों ने अंगदान और देहदान के लिए सहमति दी है। इनमें 65 लोगों ने पूर्ण देहदान जबकि 21 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ लोगों को जीवन के बाद भी मानवता के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की संभावना बढ़ती है, वहीं देहदान चिकित्सा विज्ञान को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन की यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब देशभर में अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है लेकिन दानदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में रायपुर में शुरू किया गया यह अभियान अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। अंगदान और देहदान से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए लोग राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) की आधिकारिक वेबसाइट https://notto.abdm.gov.in/ पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।







