राम दरबार सिक्के के नाम पर ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़। राम दरबार अंकित विशेष सिक्के को विदेश में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 30 हजार रुपये की ठगी करने वाले चार आरोपियों को कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी आधार कार्ड, रक्षा मंत्रालय का फर्जी परिचय पत्र, जाली दस्तावेज, कथित धार्मिक सिक्के, वाहन समेत कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा लोगों को लालच देकर सुनियोजित तरीके से ठगी की जा रही थी, जिसकी जांच अभी भी जारी है।

पुलिस के अनुसार ग्राम कामतेड़ा निवासी राजुराम कुमेटी ने 28 मई को सिटी कोतवाली कांकेर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को अविनाश तिवारी बताया और उसे कृषि विज्ञान केंद्र सिगारभाट के पास बुलाया। वहां आरोपी ने राम, सीता और लक्ष्मण अंकित विशेष सिक्के को विदेशों में ऊंचे दाम पर बेचकर लाखों रुपये कमाने तथा लाभ की राशि आपस में बांटने का लालच दिया। झांसे में आकर प्रार्थी ने आरोपी को 30 हजार रुपये दे दिए, लेकिन बाद में जब उसे धोखाधड़ी की आशंका हुई तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों की जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। जांच के दौरान ग्राम बाबूसाल्हेटोला क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के मौजूद होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सोहन साहू उर्फ अविनाश तिवारी सहित तीन अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम गन्नु राम नेताम, तामेश्वर सिंह नाग और जितेंद्र बताए तथा प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी आधार कार्ड, रक्षा मंत्रालय का फर्जी पहचान पत्र, एश्वर्या कदम के नाम से तैयार जाली दस्तावेज, अविनाश तिवारी के हस्ताक्षरयुक्त बैंक चेक, दो तांबे के राम दरबार सिक्के, दो बजरंगबली सिक्के, तीन छोटी पेटियां, एक सफेद रंग की कार और मोटरसाइकिल जब्त की है। विवेचना के दौरान प्रकरण में बीएनएस की धारा 319(2), 336(3) और 340(2) भी जोड़ी गईं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के चमत्कारी सिक्के, पुराने नोट, धार्मिक वस्तुओं या निवेश के नाम पर अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वालों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव संबंधी जानकारी के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan